अब सवाल उठता है कि इतनी कानूनी अड़चनों के बाद भी लोग बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसी में पैसा क्यों झोंक रहे हैं, तो इसका एक लाइन का सीधा जवाब है, क्रिप्टोकरेंसी पर मिलने वाला मुनाफा। जहां शेयर और म्युचुअल फंड जैसे जोखिम वाले निवेश निवेशकों को 20 से 30 प्रतिशत का रिटर्न देते हैं, वहीं बिनांस जैसी क्रिप्टो करेंसी ने 5.2 लाख प्रतिशत का रिटर्न दिया है। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि आप कैल्कुलेटर पर इसकी गणना भी नहीं कर सकते। दुनिया में बिटकॉइन और एथेरियम से लेकर डॉगकोइन और टीथर तक, हजारों अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी हैं। आज हम इन क्रिप्टोकरेंसी की मार्केट कैप के आधार पर टॉप 5 किप्टो करेंसी के बारे में बता रहे हैं:

नए जमाने के

सीबीआईसी ने क्रिप्टो एक्सचेंज से जानकारी मांगी

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने भारत के शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों से डिजिटल परिसंपत्तियों, मूल्यांकन आदि का पूरा ब्योरा मांगा है। सीबीआईसी ने डिजिटल सिक्कों के प्रकार, खरीद-फरोख्त वाले टोकन, उनका मूल्यांकन और उन्हें किस प्रकार विभाजित किया जाता है आदि से संबंधित जानकारी मांगी है।
सीबीआईसी क्रिप्टो परिसंपत्तियों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाना चाहता है। वह क्रिप्टो परिसंपत्ति वर्ग की परिभाषा और वर्गीकरण पर काम कर रहा है ताकि हरेक लेनदेन मूल्य पर कर देयता का निर्धारण हो सके।
इस मामले से अवगत एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हमने पूरे परिसंपत्ति वर्ग के संबंध में विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए क्रिप्टो एक्सचेंजों के साथ कई बैठकें की हैं। हमने खरीद-फरोख्त में शामिल विभिन्न क्रिप्टो उत्पादों पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें लेनदेन शुल्क और उसकी गणना के तरीके के बारे में भी जानकारी देने के लिए कहा गया है।’
अधिकारी ने कहा कि इन डिजिटल उत्पादों के मूल्य एवं लेनदेन के बारे में स्पष्टता से पता लगेगा कि उसके साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए और उसे जीएसटी व्यवस्था में किस प्रकार समाहित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे यह भी निर्धारित करना आसान होगा कि क्रिप्टो उत्पादों पर कर की दरें क्या होनी चाहिए।

क्रिप्टोकरेंसी का सबसे आम प्रकार

दूसरी तिमाही में क्रिप्टोकरेंसी का वैश्विक नुकसान 52 फीसदी बढ़कर 670 मिलियन डॉलर तक पहुंचा

नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अप्रैल-जून तिमाही में कम से कम 670 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और 97 प्रतिशत नुकसान हैक और घोटालों के कारण हुआ। गुरुवार को एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

दूसरी तिमाही में क्रिप्टोकरेंसी का वैश्विक नुकसान 52 फीसदी बढ़कर 670 मिलियन डॉलर तक पहुंचा

नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अप्रैल-जून तिमाही में कम से कम 670 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और 97 प्रतिशत नुकसान हैक और घोटालों के क्रिप्टोकरेंसी का सबसे आम प्रकार कारण हुआ। गुरुवार को एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

अब क्या कर रहा है RBI

इसको लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है कि कितने भारतीयों के पास क्रिप्टो करेंसी है या कितने लोग इसमें व्यापार करते हैं लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि करोड़ों लोग डिजिटल करेंसी में निवेश कर रहे हैं और महामारी के दौरान इसमें बढ़ोतरी हुई है.

बीते महीने आरबीआई और वित्त मंत्रालय कह चुका है कि वे भारत की खुद की डिजिटल करेंसी और उसके के लिए कानून बनाने पर विचार करेंगे. लेकिन भारत की खुद की डिजिटल करेंसी लाना आसान है.

सरकार केवल किसी प्रकार के लेन-देन को एक लीगल टेंडर का दर्जा देगी जो कि भारत की भारी जनसंख्या इस्तेमाल कर सकती है.

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल लीगल टेंडर (मान्याता देना) को जारी करना चुनौतीपूर्ण है. अगर आसान शब्दों में कहें तो आम लोगों तक इसे पहुंचाना एक बड़ा टास्क होगा.

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कानून बनाना आसान नहीं होगा. भारत में इसको लेकर कई चुनौतियां है. यहां पर सबसे बड़ा सवाल ये उठता है क्या ये आम चलन में इस्तेमाल होगी. क्या ये डिजिटल लीगल टेंडर होंगे या इनका आम जनता भी इस्तेमाल कर सकेगी.

RBI ने इन चीज़ों को लेकर जताई चिंता

आरबीआई ने हाल में कहा था कि किसी देश की करेंसी उसका सोवरन राइट है और यह किसी एक व्यक्ति के साथ नहीं जोड़ा जा सकता. अब तक इस तरह के इंस्ट्रूमेंट को कानूनी जामा पहुंचा पहनाने की कोशिश सफल नहीं हो पाई है.

इसीलिए RBI ने केंद्र सरकार को सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं से भी अवगत कराया है. आरबीआई ने कहा है कि क्रिप्टो करेंसी को देश में इजाजत देने की वजह से मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को बढ़ावा मिल सकता है.

क्रिप्टो करेंसी के ट्रांजैक्शन में लेन-देन करने वाले के नाम का पता नहीं लगता, इसलिए इसका उद्देश्य देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है.

हाल में एक इंटरव्यु में आरबीआई के अधिकारी ने कहा था कि इसमें बहुत सारे कोड हैं और बहुत से ट्रांजैक्शन होते हैं, इसमें सोर्स का पता लगाना बहुत मुश्किल है क्योंकि इस तरह के इंस्ट्रूमेंट का नेचर बहुत जटिल होता है.

आइए जानें सरकार का क्या कहना है?

वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद में बताया कि बिटकॉइन, सहित सभी क्रिप्टोकरेंसी के साथ जुड़े जोखिमों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 अप्रैल , 2018 को एक परिपत्र के माध्यम से देश की सभी संस्थाओं को सलाह दी है कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कोई भी काम नहीं करें.

लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 04 मार्च , 2020 को अपने एक फैसले में 2018 के डब्ल्यूपी ( सी ) सं . 528 और 2018 के डब्ल्यूपी ( सी ) सं . 373 में दिनांक 06 अप्रैल , 2018 के उपर्युक्त परिपत्र को खारिज कर दिया है.

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 के बजट भाषण में यह घोषणा की गई कि सरकार क्रिप्टो करेंसियों को वैध मुद्रा या सिक्का नहीं मानती और इन क्रिप्टो के उपयोग को समाप्त करने के लिए सरकार सभी उपाय करेगी.

सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने हेतु ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी का सक्रिय रूप से उपयोग करके उसका पता लगाएगी.

क्रिप्टोकरेंसी का सबसे आम प्रकार

क्रिप्टोकरेंसी का सबसे आम प्रकार

दूसरी तिमाही में क्रिप्टोकरेंसी का वैश्विक नुकसान 52 फीसदी बढ़कर 670 मिलियन डॉलर तक पहुंचा

नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अप्रैल-जून तिमाही में कम से कम 670 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और 97 प्रतिशत नुकसान हैक और घोटालों के कारण हुआ। गुरुवार को एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

दूसरी तिमाही में क्रिप्टोकरेंसी का वैश्विक नुकसान 52 फीसदी बढ़कर 670 मिलियन डॉलर तक पहुंचा

नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अप्रैल-जून क्रिप्टोकरेंसी का सबसे आम प्रकार तिमाही में कम से कम 670 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और 97 प्रतिशत नुकसान हैक और घोटालों के कारण हुआ। गुरुवार को एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

एथेरियम (ETH)

मार्केट कैप: $447 बिलियन से अधिक

बिटकॉइन के बाद क्रिप्टो कारोबार में एथेरियम सबसे चर्चित नाम है। क्रिप्टोक्यूरेंसी और ब्लॉकचैन प्लेटफॉर्म दोनों पर एथेरियम प्रोग्राम डेवलपर्स का पसंदीदा बना हुआ है। इथेरियम ने भी जबरदस्त ग्रोथ देखी है। अप्रैल 2016 से जनवरी 2022 तक, इसकी कीमत लगभग 11 डॉलर से बढ़कर 3,700 डॉलर से अधिक हो गई। ग्रोथ के पैमाने पर देखें तो यह 33,500% चढ़ चुका है।

बिनेंस कॉइन(बीएनबी)

मार्केट कैप: $86 बिलियन से अधिक

बिनेंस कॉइन, क्रिप्टोकरेंसी का एक रूप है जिसका उपयोग आप Binance पर व्यापार करने और शुल्क का भुगतान करने के लिए कर सकते हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक है। 2017 में इसे लॉन्च किया गया था। अब, इसका उपयोग व्यापार, पेमेंट प्रोसेसिंग या यहां तक ​​कि यात्रा बुकिंग के लिए भी किया जा सकता है। 2017 में इसकी कीमत सिर्फ

कार्डानो (ADA)

मार्केट कैप: $44 बिलियन से अधिक

कार्डानो क्रिप्टो करेंसी ने भी बीते कुछ वर्षों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं। अन्य प्रमुख क्रिप्टो कॉइन की तुलना में कार्डानो के एडीए टोकन में अपेक्षाकृत मामूली वृद्धि हुई है। 2017 में, ADA की कीमत

एक्सआरपी (XRP)

मार्केट कैप: $39 बिलियन से अधिक

इसे डिजिटल टेक्नोलॉजी और पेमेंट प्रोसेसिंग कंपनी, रिपल जैसे फाउंडर्स ने तैयार किया था। 2017 की शुरुआत में, XRP की कीमत .006 थी। 3 जनवरी, 2022 तक, इसकी कीमत .83 तक पहुंच गई। इस प्रकार यह क्रिप्टो 5 साल में 13,700% से अधिक की ग्रोथ दे चुका है।

.02 थी। वहीं 3 जनवरी 2022 तक इसकी कीमत 200.34 थी। इस तरह अपनी शुरुआत के बाद से यह 6,600% की ग्रोथ दे चुका है।

.10 थी; वहीं 3 जनवरी, 2022 तक, यह लगभग 520,000% की ग्रोथ के साथ 520 डॉलर का हो गया है।

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